नशा

नशा
नशा आज भारत में नशा जैसे-जैसे बढ़ रहा है उस पर हमे गंभीरता से सोचना चाहिए , देश में आज बड़ा वर्ग नशे के चपेट में है, आज चाय के साथ सिगरेट और पार्टी में शराब सामान्य हो गया है, गांजा, शराब, सिगरेट और न जाने क्या क्या । और अगर हम ये सोचते हैं कि नशे से सरकार बचाएगी तो आप बिल्कुल अनजान है। सरकार को बस टैक्स चाहिए। गांजा इसलिए प्रतिबंधित है क्यूं कि गांजा को टैक्स से बच के उगाया जा सकता है। मुझे ये लगता है सरकार को अच्छा खासा टैक्स दिया जाए तो सरकार मर्डर भी लीगल कर दे। नशे से टूटते परिवार, आत्महत्याएं, बेबस बच्चे सरकार को नहीं दिखते। हमें इस सब से बचना और अपनो को बचाना चाहिए हर गली मोहल्ले में 2-3 चाय की टपरी है और वहां सिगरेट बड़े सहजता से मिल रही। महीने का एक बड़ा पैसा नसे की भेंट चढ़ रहा। प्रतिबंधित राज्य में शराब सामान्य तरीकों से मिल रही। सरकार को ज़्यादा मुनाफा हो रहा। जरूरत है नशे से बचने की नशे से अपनों को बचाने की



